हिमाचल पैराग्लाइडिंग हादसे में घायल ब्रिटिश सिनेमैटोग्राफर जॉर्ज रिचमंड की पीजीआई में सफल जटिल स्पाइन सर्जरी

हिमाचल पैराग्लाइडिंग हादसे में घायल ब्रिटिश सिनेमैटोग्राफर जॉर्ज रिचमंड की पीजीआई में सफल जटिल स्पाइन सर्जरी

British Cinematographer George Richmond

British Cinematographer George Richmond

चंडीगढ़, 12 जून। British Cinematographer George Richmond: हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग दुर्घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए प्रसिद्ध ब्रिटिश सिनेमैटोग्राफर जॉर्ज रिचमंड का पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक जटिल स्पाइन ऑपरेशन किया गया। ‘डेडपूल एंड वूल्वरिन’ जैसी चर्चित फिल्म के लिए जाने जाने वाले 54 वर्षीय रिचमंड को दुर्घटना में सर्वाइकल स्पाइन की गंभीर चोट लगी थी, जिसके कारण उन्हें क्वाड्रिप्लेजिया हो गया था।

पीजीआई के अनुसार रिचमंड को भारतीय वायुसेना की सहायता से बचाव अभियान के बाद 9 जून की तड़के एडवांस्ड ट्रॉमा सेंटर लाया गया। यहां ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग की देखरेख में उनका उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों ने तत्काल एडवांस्ड ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट (एटीएलएस) प्रोटोकॉल के तहत उनका पुनर्जीवन उपचार कर स्थिति को स्थिर किया।

पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि यह मामला संस्थान की जटिल ट्रॉमा आपात स्थितियों के प्रबंधन की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पीजीआई किसी भी मरीज को उसकी राष्ट्रीयता या पृष्ठभूमि से परे समयबद्ध, संवेदनशील और विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऑर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष प्रो. विजय जी. गोनी ने बताया कि मरीज की चोट अत्यंत जटिल थी। विस्तृत जांच और स्थिरीकरण के बाद फ्लोरोस्कोपी-निर्देशित क्लोज्ड रिडक्शन के माध्यम से सर्वाइकल फ्रैक्चर-डिसलोकेशन को सफलतापूर्वक ठीक किया गया, जिससे अतिरिक्त जटिल सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ी। इसके बाद रीढ़ की हड्डी को स्थिर करने और तंत्रिका तंत्र की सुरक्षा के लिए एंटीरियर सर्वाइकल डिकम्प्रेशन, रिकंस्ट्रक्शन और स्टेबलाइजेशन किया गया।

सर्जरी का नेतृत्व डॉ. विशाल कुमार ने किया। ऑपरेशन के दौरान क्षतिग्रस्त डिस्क और तंत्रिकाओं पर दबाव डालने वाले हिस्सों को हटाकर बोन ग्राफ्ट सामग्री से युक्त इंटरबॉडी केज लगाया गया तथा सर्वाइकल प्लेट और स्क्रू के माध्यम से रीढ़ को स्थिर किया गया।

पीजीआई के अनुसार जॉर्ज रिचमंड की स्थिति फिलहाल स्थिर है। वह होश में हैं और सामान्य रूप से संवाद कर रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों और पुनर्वास विशेषज्ञों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। व्यापक पुनर्वास कार्यक्रम के तहत उन्हें जल्द व्हीलचेयर पर प्रारंभिक गतिशीलता भी शुरू कराई जाएगी।

पीजीआई ने कहा कि इस जटिल और जीवन के लिए जोखिमपूर्ण चोट का सफल उपचार संस्थान की उन्नत ट्रॉमा देखभाल, विश्वस्तरीय सर्जिकल विशेषज्ञता और बहु-विषयक चिकित्सा समन्वय का प्रमाण है।